वो आँखे

वो आँखे
नीली झील सी गहरी
वो सांसे
मेरे मन की प्रहेरी

वो हँसना
वो इठलाना उनका
वो मेघ दिवस
वो रत सुनहरी

पायल छंकाते
आना उनका
हाथो का सतरंगी कंगना
मेरी अटारी , कार्तिक की दुपहरी

सुधीर मौर्या “सुधीर’
ग्राम + पोस्ट – गंज जलालाबाद, जिला- उन्नाव, पिन – २४१५०२
फ़ोन- ०९६९९७८७६३४/०९६१९४८३९६३

Tera Aks

तेरा अक्स

तनहइयो ने कब
मेरे हाथ में
जाम दे दिया
कुछ इसका पता नहीं
हर शाम-हर रात
हर सुबह
बस में और
मेरा जाम
मुझे लगा
अब जिन्दगी
चैन से कट जायगी
ग़लतफ़हमी थी मेरी
अब तो हाथ में
जाम लेने से भी
डर लगता हे

न जाने क्यों
तेरा अक्स
मुझे अब
उसमे नज़र आता हे.

‘लम्स’ से
सुधीर मौर्या ‘सुधीर’
गंज जलालाबाद, उन्नाव
२०९८६९
09699787634

Prem ki Naav

प्रेम की नाव

उसकी बातो में
लगने लगा हे
बहुत कुछ
बनाव इन दिनों.

किसी और की
गली से
गुजरने लगे हे
उसके पावं इन दिनों.

मागने लगा हे
कोई और
उसके जुल्फों की
छाव इन दिनों.

हाँ चर्चे हे
उसके एक और
अफएर के
गाँव में
इन दिनों.

हो न हो
वो सवार हे
प्रेम की
दो नाव में इन दिनों.

सुधीर मौर्या ‘सुधीर’
गंज जलालाबाद, उन्नाव
२४१५०२
०९६९९७८७६३४/09619483963